DPDP enforcement deadline: May 2027Rules notified Nov 2025Penalty exposure up to ₹250 Cr
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Quick Answer

DPDP अधिनियम, 2023 की धारा 6 के अनुसार वैध सहमति पाँच शर्तें पूरी करनी चाहिए — स्वतंत्र (freely given), विशिष्ट (specific), सूचित (informed), बिना शर्त/स्पष्ट (unambiguous) और वापस लेने योग्य (withdrawable)। पहले से टिक किए गए बॉक्स, बंडल की गई सहमति, या केवल नियम-शर्तों में छिपी सहमति मान्य नहीं मानी जाती। यह मुफ़्त हिंदी टूल आपकी वर्तमान सहमति व्यवस्था को इन शर्तों पर परखता है और बताता है कि कहाँ सुधार ज़रूरी है।

DPDP सहमति वैधता जाँच — क्या आपकी सहमति मान्य है?

DPDP अधिनियम, 2023 के तहत सहमति तभी वैध है जब वह स्वतंत्र, विशिष्ट, सूचित, स्पष्ट और वापस लेने योग्य हो। नीचे कुछ प्रश्नों के उत्तर देकर तुरंत जाँचें।

अपनी सहमति व्यवस्था की वैधता जाँचें

DPDP-वैध सहमति की पाँच अनिवार्य शर्तें

DPDP अधिनियम के तहत सहमति अमान्य क्यों हो जाती है?

भारत में अधिकांश कंपनियाँ आज भी पुराने तरीके से सहमति लेती हैं — पहले से टिक किए गए बॉक्स, नियम-शर्तों में छिपी लंबी भाषा, या एक ही बंडल सहमति जिसमें मार्केटिंग से लेकर एनालिटिक्स तक सब कुछ शामिल हो। DPDP अधिनियम, 2023 की धारा 6 के तहत यह सब अमान्य है। वैध सहमति स्वतंत्र, विशिष्ट, सूचित, स्पष्ट और वापस लेने योग्य होनी चाहिए, और डेटा फ़िड्युशरी को यह साबित करना होता है कि सहमति इन शर्तों पर ली गई थी।

सबसे बड़ी गलती यह मानना है कि एक बार नियम-शर्तें स्वीकार होते ही सहमति पूरी हो गई। असल में डेटा प्रिंसिपल को सहमति से पहले सादी भाषा में नोटिस मिलना चाहिए — किन उद्देश्यों के लिए, कौन-सा डेटा, और अधिकार क्या हैं। बिना इस नोटिस के ली गई सहमति सूचित नहीं मानी जाती।

मान्य सहमति व्यवस्था कैसे बनाएँ?

एक सुदृढ़ सहमति व्यवस्था में तीन चीज़ें ज़रूरी हैं — उद्देश्य-वार अलग सहमति, सादी हिंदी/स्थानीय भाषा में नोटिस, और एक-क्लिक वापसी। इसके साथ हर सहमति का तिथि, संस्करण और उद्देश्य सहित रिकॉर्ड होना चाहिए, ताकि किसी शिकायत या जाँच के समय डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड (DPB) के सामने प्रमाण प्रस्तुत किया जा सके।

Niti Bharat भारतीय मिड-मार्केट कंपनियों के लिए फ़िक्स्ड-प्राइस (₹75,000–₹3.2 लाख) सहमति और प्राइवेसी दस्तावेज़ीकरण सेवाएँ देती है, जो ठीक इसी तरह का मान्य, प्रमाण-योग्य सहमति ढाँचा बनाती हैं — मई 2027 की प्रवर्तन समय-सीमा से पहले।

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Frequently Asked Questions

क्या पहले से टिक किया गया बॉक्स DPDP के तहत वैध है?+
नहीं। DPDP अधिनियम के तहत सहमति स्पष्ट और सकारात्मक कार्रवाई से मिलनी चाहिए। पहले से टिक किए गए बॉक्स या डिफ़ॉल्ट रूप से चालू विकल्प वैध सहमति नहीं माने जाते।
क्या एक ही सहमति सभी उद्देश्यों के लिए ली जा सकती है?+
नहीं। सहमति विशिष्ट होनी चाहिए — हर प्रोसेसिंग उद्देश्य (जैसे मार्केटिंग, एनालिटिक्स, सेवा-वितरण) के लिए अलग सहमति ज़रूरी है। बंडल की गई सहमति अमान्य है।
क्या सहमति हिंदी में देनी ज़रूरी है?+
DPDP अधिनियम की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध भाषाओं (हिंदी सहित) में या अंग्रेज़ी में नोटिस देने का अधिकार डेटा प्रिंसिपल को है। व्यावहारिक रूप से, समझ आने वाली भाषा में नोटिस देना सहमति को सूचित बनाता है।
अगर उपयोगकर्ता सहमति वापस ले तो क्या होगा?+
सहमति वापस लेने के बाद आपको उस उद्देश्य के लिए डेटा प्रोसेसिंग रोकनी होगी और वैध कारण न होने पर डेटा मिटाना होगा। वापसी देने जितनी आसान होनी चाहिए।

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